विदेश में मिली झारखंडी युवा को पीएचडी की डिग्री,परिवार में खुशी का माहौल।

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नवंबर 10, 2023 को नीदरलैंड के दी हेग शहर में स्थित प्रतिष्ठित संस्थान _ इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज के निदेशक प्रो रूवार्ड


गांजूवर्ट के द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह में शोधार्थी रहे डॉo रिचर्ड हेमराज टोप्पो (रांची) को उनके शोध अध्ययन कार्य समाप्त करने पर इरासमस यूनिवर्सिटी, रॉटरडेम के प्रोफेसर सह शोध सुपरवाइजर प्राे डी जे एम हिलहोस्ट शोध कमिटी सदस्य प्रो अरुल चिब एवम Dr श्रीखा द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
डॉo रिचर्ड ने अपनी स्कूल की पढ़ाई झारखंड राज्य से करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा , संत जेवियर कॉलेज, रांची, संत लोयोला कॉलेज चेन्नई और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड से प्राप्त की। अपने इस अध्ययन काल में उन्होंने भारत के राष्ट्रपति भवन एवं कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड में उनकी भूमिका एक सहायक शोधार्थी के रूप में रही। कोरोना से बीमार पिता एवं कैंसर से पीड़ित माता की सेवा करते हुए भी वे अपनी पढ़ाई के प्रति निष्ठावान बने रहे, दुर्भाग्य बस विगत वर्ष में पिता एवं कुछ समय अंतराल में अपनी माता को खोने के बाद भी अपनी हिम्मत नहीं हारी और उन्होंने अपना शोध अध्ययन जारी रखा।अपनी लगन और मेहनत से वर्ष 2023 में अपनी शोध पूरी कर ली।
अपने पीएचडी हेतु शोध अध्ययन के संदर्भ में शीर्षक के रूप में ” *वर्चस्व के खिलाफ संघर्ष :झारखंड में पहचान की राजनीति और आदिवासी सामाजिक आंदोलन” रहा। अपने इस अध्ययन कार्य के लिए मुख्य रूप से झारखंड के लातेहार जिला के महुआडांड क्षेत्र को चुना, इस दौरान उनका समय-समय पर इस इलाका में आना जाना जारी रहा और बतौर सामाजिक कार्यकर्ता बनकर प्रशासनिक पदाधिकारी, क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता एवं आम लोगों के साथ लगातार मुलाकात करने और जरूरतमंद लोगों को मदद करते रहे। उन्हें इस दौरान, गांव में रहने वाले आदिवासियों की स्थिति को करीब से जानने का मौका मिला इसके साथ ही उन सुदूर आदिवासी इलाकों का भी दौरा किया गया जो अभी भी शहर की तुलना में कई ऐसे ग्रामीण इलाका हैं जो मूलभूत सुविधाओं और सरकारी लाभ से कोसों दूर हैं ।डॉo रिचर्ड ने कार्यक्रम के दौरान अपनी प्रस्तुति में शोध कार्य में रहे अनुभव को साझा करते हुए कहा कि आज भी भारत देश के खनिज से संपन्न राज्य झारखंड के आदिवासी समुदाय विभिन्न सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक शोषण के खिलाफ संघर्ष के बावजूद अपने अस्तित्व के लिए संवैधानिक मूल अधिकारों और अपने जीवन यापन के मूल स्रोत जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए आंदोलित और संघर्षरत हैं और अपनी पहचान के लिए राजनीति में दावेदारी के लिए प्रयासरत हैं।
आयोजित दीक्षांत समारोह में मौके पर डॉo रिचर्ड के बड़े भाई देवघर जिला के शिक्षा पदाधिकारी श्री टोनी टोप्पो, बहन संत जेवियर कॉलेज महाविद्यालय रांची के सहायक प्रोफेसर श्रीमती अंजू टोप्पो दिल्ली से सामाजिक कार्यकर्ता विनोद खलखो एवं परिवार के सदस्य रोहित टोप्पो एवं प्रिया भी उपस्थित थे वहीं अन्य देशों से आए मित्र Dr लुई, संस्थान के प्रोफेसर्स,अध्यनरत देश विदेश के छात्र-छात्राएं सुशूर्ता,आमोद, वीरेंद्र, मौसमी व शोधार्थी सहित सैकड़ो की संख्या में मौजूद थे।

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