01 फरवरी 2024 से एपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार ” EVM का दुरुपयोग” के विरोध में होगा आंदोलन:राजू मुर्मू अध्यक्ष एपीआई।

0
Fb Img 1706668488180
Spread the love

“दुमका:अंबेडकराईट पार्टी ऑफ इंडिया” के द्वारा “चुनाव आयोग” में 23 जनवरी के बाद 29 जनवरी 2024 को एक “पिटीशन” और दी गई है लेकिन “चुनाव आयोग” किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं दे रहा है। इससे साफ जाहिर होता है की “EVM” से चुनाव न केवल फ्रॉड है बल्कि गैरकानूनी भी है। “चुनाव आयोग” और सरकार की मिली भगत से गैर कानूनी तरीके से चुनाव हो रहा है यही कारण है कि EVM से 2023 के “विधानसभा चुनाव” में बड़े स्तर पर धांधली हुई चुनाव के दौरान वास्तविक वोट 3 करोड़ 96 लाख पड़े लेकिन EVM ने गणना 4 करोड़ 50 लाख वोटो की है। यह 54 लाख वोट अतिरिक्त कहां से आए इस बात को Ad. मनोज मिश्रा द्वारा दी गई पिटीशन से आसानी से समझा जा सकता है। और जैसे ही “ईवीएम” की पोल खुली “चुनाव आयोग” ने अपनी साइट से सारे “डाटा” डिलीट कर दिए।

कारण आपके सामने है।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में 7 डायरेक्टर्स हैं यह वही भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड है जो EVM की “चिप” बनाती है इनमें से चार इंडिपेंडेंट डायरेक्टर है

1 मनसुखभाई समजीभाई खाचरिया, उम्र 61 वर्ष, विज्ञान स्नातक और राजकोट, गुजरात में व्यवसाय उद्यमी, वह वर्तमान में भाजपा राजकोट जिला अध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं, वह क्लासिक कॉटन प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड में निदेशक हैं।

2 डॉ शिवनाथ यादव उम्र 64 वर्ष एमए, कानून और डॉक्टरेट पीएचडी, वह सेवानिवृत्त प्रोफेसर डीएवी डिग्री कॉलेज हैं और वाराणसी, यूपी भाजपा प्रदेश उपाध्‍यक्ष में रहते हैं।

3 डॉ. पीवी पार्थसारथी 51 वर्ष, दंत विज्ञान में स्नातकोत्तर, भाजपा मोर्चा में राष्ट्रीय सचिव, मीडिया विश्लेषक, भाजपा तिरूपति विधानसभा प्रभारी,

4 श्रीमती श्यामा सिंह बीए, एमए राजनीति विज्ञान, एलएलबी दर्शनशास्त्र 55 वर्षीय भी भाजपा पार्टी से जुड़ी हुई हैं.

बाकी तीन सरकारी डायरेक्टर किस रूप में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं यह अभी रिसर्च का विषय है अब आप विचार कर सकते हैं कि “ईवीएम” के द्वारा होने वाला चुनाव कितना निष्पक्ष और पारदर्शी होगा और चुनाव आयोग की केवल राजनीतिक दलों की सुनता है और वह भी भारतीय जनता पार्टी की ही बात सुनता है ।
बाकी अन्य राजनीतिक दलों की मिलने की मांग को लगातार दरकिनार कर रहा है चुनाव आयोग राजनीतिक दलों के प्रति उत्तरदाई नहीं है बल्कि भारत की जनता के प्रति उत्तरदाई है और यदि भारत की जनता को EVM पर विश्वास नहीं है तो उसे निष्पक्ष तरीके से बैलट पेपर से ही चुनाव कराना चाहिए।

दिनांक 01 फरवरी 2024 से एपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार “अनुचित तरीके से EVM का दुरुपयोग” के विरोध में भारत के सभी राज्यों में एपीआई के कार्यकर्ताओ एवं पदाधिकारियों द्धारा विशाल जनविरोध का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from EDPA NEWS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading