रांची में झारखंड कांग्रेस ने निकाला पेशा कानून अधिकार यात्रा।

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कांग्रेस ने रांची में निकाली पेसा अधिकार यात्रा, जानें क्या बोले पार्टी के दिग्गज नेता

राँची : मज़ार के कट्टरपंथियों का कहना है कि कांग्रेस की भावना हमेशा उनके मूल अधिकारों के प्रति बनी रहती है। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी जरूरत यह है कि जनजातीय परंपरा एवं संस्कृति का संरक्षण, सम्मान किया जाए, न केवल सरकारी स्तर पर बल्कि लोगों द्वारा हर संभव प्रयास किया जाए।

जाब्ता ग्राम और सभा का सम्मान कांग्रेस है!

पेसा अधिकार यात्रा के दौरान अज्ञानी पांडे ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से केवल जनजातीय समुदाय को ही नहीं बल्कि प्रमुख जाति, जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अल्पसंख्यकों के साथ ही देश के सभी लोगों का सम्मान करती है। उनके नरसंहार एवं भावनाओं के तहत ही विकास को गति देना वांछित देश में है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी ने कहा कि भरोसेमंद समर्थकों की बात है कि न केवल मुख्यमंत्री रसेल सोरेन के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है और पेसापुर के रास्ते से जल्द से जल्द लागू होने की संभावना है, बल्कि पूरे झारखंड में इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

देश में नकारात्मक राजनीति कर रही है बीजेपी!

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र सरकार अब पूरी तरह से नकारात्मक भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की लगातार तेजी से आम लोगों के करीब पहुंच रही है और आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव में इसके नतीजों पर नजर आ रही है। केंद्रीय मंत्री सुधाकर कांत असिस्ट ने कहा कि कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई में अपना योगदान नहीं दिया बल्कि आजादी के बाद भी कांग्रेस की भावना हमेशा से विकास के प्रति समर्पित रही है।

कांग्रेस के अधिवेशन में पेसा कानून लाया गया!

पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधन तिर्की ने कहा कि पेसा कानून 1996 में उस समय लाया गया था जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। आज यह मोह संजोग नहीं बल्कि कांग्रेस के प्रतिज्ञा का ही परिणाम है कि झारखंड में पेसा कानून की नियमावली को तब मंजूरी दे दी गई जब कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका में विल्सन सोरेन की सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हर हाल में संप्रदाय, जनजातीय समुदाय और उनकी परंपरा, सांस्कृतिक संस्कृति और सही अर्थों में प्रत्येक क्षेत्र, समुदाय और जाति के लिए समन्वित विकास की आवश्यकता है।

झारखंड का गठन जन जातीय हितों के लिए किया गया था

बंधन बंधन तिर्की ने कहा कि हम पूरे प्रदेश को यह बताना चाहते हैं कि आज से 23 साल पहले झारखंड का गठन जन जातीय समुदाय के विभाजन को पूरा करने के लिए गया था और आज अगर उनके उत्खनन और विनाश पूरी तरह से नहीं हो रही है तो इसकी ओर सभी को ध्यान देना चाहिए। फ्रांस के कृषि मंत्री क्लाउड लेटरलेक ने कहा कि पेसा कानून कांग्रेस पार्टी की मांद है, हम झारखंडवासियों को इस कानून में विशेष कर अधिकार के मामले में अपने अधिकार के मामले में शामिल करने की जरूरत है। झारखंड सरकार गांव के अंतिम व्यक्ति को दलित बनाने के लिए कहा गया है।

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