झारखंड पार्टी सीएनटी एक्ट के मूल्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगी बर्दाश्त।

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राँची: झारखंड पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में सोमवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया जिसमें झारखंड पार्टी वर्तमान हेमन्त सरकार के द्वारा सीएनटी एक्ट के मूल भावनाओं से छेड़छाड़ किए जाने वाले प्रस्ताव को खारिज करने के संबंध में प्रेसवार्ता आहूत की गई। इस प्रेसवार्ता में केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता अंशु लकड़ा एक्का ने कहा गया कि हेमंत सोरेन ने अपने और अपने परिवार वालों के नाम से सैकड़ो एकड़ आदिवासी भूमि की खरीद राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में किया है और उन्होंने न किसी थाना क्षेत्र के बाध्यता को माना है न ही सभी संपत्तियों का सही विवरण अपने एफिडेविट में भी प्रकाशित किया है। इसी तरह झामुमो के बड़े नेताओं और आदिवासी पैसे वालों के द्वारा भी अपने-अपने नाम से अपने परिवार वालों के नाम से राज्य के विभिन्न जिलों तथा क्षेत्र में आदिवासी भूमि का क्रय किया गया है और आदिवासी जमीन मालिकों को सिर्फ और सिर्फ ठगा गया है।

झापा के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता अंशु लकड़ा ने पूरे प्रतिवेदन को संक्षिप्त में बताया और कहा कि आदिवासियों की सुरक्षा एवं सीएनटी एक्ट की मूल भावना को सुरक्षित रखने का झूठा वादा करने वाली झामुमो की सरकार अब सीएनटी एक्ट से थाना की बाध्यता समाप्त करने का प्रस्ताव कर रही है। इसका उद्देश्य सिर्फ और अवैध तौर पर और अवैध तरीके से खरीदी गई भूमि को कानूनी पर्दा चढ़ाने का एक बड़ा षड्यंत्र है।

वहीं झापा के प्रधान महासचिव सह पूर्व राज्य मंत्री अशोक भगत ने कहा कि झारखंड पार्टी के नेताओं एवं पार्टी के कार्यकर्ता जो कि मूल रुप से अलग झारखंड की लड़ाई लड़े और इस पार्टी के नेताओं ने आदिवासी अस्मिता, जल जंगल जमीन को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया है, वह भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर अपने वीर नेताओं के बलिदान को व्यर्थ होता हुआ नहीं देख सकते हैं। अशोक भगत ने कहा कि झारखंड पार्टी अब शहीदों के बलिदान से सींची गई झारखंड को बर्बाद होता हुआ नहीं देख सकती है और सीएनटी एक्ट के मूल उद्देश्यों से छेड़छाड़ को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके लिए सड़क से लेकर सदन तक झारखंड पार्टी आंदोलन करने के लिए हर संभव कृत संकल्प रहेगी।

झापा के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा कि वर्तमान जेएमएम की सरकार हेमंत सोरेन के द्वारा राँची, बोकारो ,धनबाद और दुमका में भी भोले भाले आदिवासियों को बहला फुसलाकर का कई एकड़ जमीन को अवैध तरीके से खरीदा गया है और बालू, खनिज, कोयला, सभी का लूट इन्होंने मचा रखा है। भोले भाले यहाँ झारखंड के आदिवासी जनता इनसे परेशान है और कानून को भी हेमन्त सोरेन ने ताक दिया है और 6 बार ईडी के द्वारा सम्मन जारी होने के बाद भी उन्होंने नजरअंदाज कर कानून को और पद की गरिमा को मजाक बना कर रख दिया है। झारखंड पार्टी के नेताओं को जो भी बलिदान देने की आवश्यकता होगी वह सब बलिदान देने के लिए सहर्ष तैयार हैं।

इस प्रेसवार्ता में झापा के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार, प्रधान महासचिव सह पूर्व राज्य मंत्री अशोक भगत, केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता अंशु लकड़ा एक्का, केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता आनन्दपाल तिर्की, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बच्चन उराँव ,युवा मोर्चा के अध्यक्ष योगेश भगत उपस्थित थे।

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